
Tue Sep 17 14:53:35 UTC 2024: ## पितृ पक्ष 2024: पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का समय
**नई दिल्ली:** पितृ पक्ष, पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का समय, 17 सितंबर 2024 को पूर्णिमा से शुरू हो रहा है और 2 अक्टूबर 2024 को सर्व पितृ अमावस्या पर समाप्त होगा। इस दौरान तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, जिससे पितरों की आत्मा की शांति और परिवार में खुशहाली आती है।
**श्राद्ध का महत्व:** मार्कण्डेय पुराण के अनुसार श्राद्ध करने से पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, संतति, धन, विद्या सुख, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करते हैं। ब्रह्मपुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति से श्राद्ध करता है, उसके कुल में कोई भी दुखी नहीं होता।
**पितृ पक्ष में क्या नहीं करना चाहिए:**
* **शुभ कार्य की मनाही:** पितृ पक्ष में शादी, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित हैं।
* **रात में श्राद्ध कर्म:** तर्पण और श्राद्ध सूर्योदय के बाद ही करें, सूर्यास्त के बाद ये कर्म निष्फल हो जाते हैं।
* **नई शुरुआत:** नया व्यवसाय, कार्य या नौकरी शुरू करने से बचें।
* **दान:** लोहे, चमड़े, पुराने कपड़े, काले कपड़े, बासी खाना और तेल का दान न करें।
* **मांसाहार और शारीरिक संबंध:** मांसाहार, लहसून-प्याज से परहेज करें और तर्पण, श्राद्ध कर्म करते समय शारीरिक संबंध न बनाएं।
**ध्यान दें:** यह जानकारी केवल मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। ABPLive.com किसी भी मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।