Mon Sep 16 16:00:24 UTC 2024: ## अनंत चतुर्दशी: गणेश विसर्जन और विष्णु पूजा का पावन पर्व
**नई दिल्ली:** हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व है। इस दिन, 10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव का समापन होता है और भक्त गणपति बप्पा की मूर्ति का विसर्जन करते हैं। इसी दिन, भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, अनंत चतुर्दशी तिथि 16 सितंबर 2024, सोमवार दोपहर 3:10 बजे शुरू होगी और 17 सितंबर 2024 को सुबह 11:44 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त 17 सितंबर की सुबह 10:43 से 11:15 तक रहेगा।
गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, सुबह 9:10 से दोपहर 1:47 तक रहेगा।
इस पावन पर्व पर, भक्त 14 गांठों वाला एक विशेष सूत्र हाथ में धारण करते हैं। यह सूत्र अनंत का प्रतीक है और मान्यता है कि इसे बांधने से भगवान विष्णु की कृपा से जीवन के सभी कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।
अनंत चतुर्दशी के दिन, भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं, घर की साफ-सफाई करते हैं, और व्रत का संकल्प लेते हैं। वे पूजा स्थल को साफ करते हैं, एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाते हैं, और उस पर कलश स्थापित करते हैं। कलश पर शेषनाग की शैय्या पर लेटे हुए भगवान विष्णु की तस्वीर रखी जाती है। धूप और दीप अर्पित करने के बाद, हल्दी और केसर से रंगा हुआ 14 गांठों वाला अनंत सूत्र रखा जाता है।
इसके बाद, ॐ अनंताय नमः मंत्र का जाप किया जाता है। भगवान विष्णु को हल्दी, अक्षत, फल, फूल और भोग अर्पित किया जाता है। अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा का पाठ करने के बाद, दाहिने हाथ की बांह में अनंत सूत्र धारण किया जाता है। पूरे दिन का उपवास रखने के बाद, शाम को पूजन के बाद व्रत खोला जाता है।
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को अनंत सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।