Fri Sep 13 09:47:05 UTC 2024: ## केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, लेकिन शर्तों के साथ रिहाई
**नई दिल्ली:** दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई केस में जमानत मिल गई है. जमानत मिलने के बाद वे आज शाम तक तिहाड़ जेल से रिहा हो सकते हैं. हालांकि, कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध ठहराया है और जमानत की कुछ शर्तें लगाई हैं.
केजरीवाल पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी और सीबीआई ने कार्रवाई की थी. ईडी ने नवंबर 2023 से मार्च 2024 तक केजरीवाल को 9 समन भेजे थे, लेकिन वो पूछताछ के लिए शामिल नहीं हुए. इसके बाद ईडी ने 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था. 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को उन्हें जेल भेजा गया था. 26 जून को सीबीआई ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. 12 जुलाई को ईडी मामले में जमानत मिलने के बाद भी सीबीआई की गिरफ्तारी के कारण वह जेल से रिहा नहीं हो सके थे.
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए केजरीवाल को कुछ सख्त शर्तों का पालन करना होगा. वे किसी भी फाइल पर दस्तखत नहीं कर पाएंगे, उनके दफ्तर जाने पर भी पाबंदी रहेगी, वे इस मामले में कोई बयान या टिप्पणी भी नहीं कर सकते हैं और इस केस से जुड़ी किसी भी आधिकारिक फाइल को नहीं मंगा सकते हैं. इसके अलावा उन्हें 10 लाख रुपये का बेड बॉन्ड भी भरना होगा.
**केजरीवाल के सामने अभी भी मुश्किलें:** सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को केजरीवाल के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध ठहराया है. जमानत की शर्तें उनके कामकाज में आड़े आएंगी और सरकार चलाने में मुश्किलें खड़ी करेंगी. वे ना कोई नीतिगत फैसले ले सकते हैं और ना किसी सरकारी फाइल पर दस्तखत कर सकते हैं.
**बीजेपी की मुहिम की हवा निकल सकती है:** केजरीवाल के जेल में बंद होने के कारण दिल्ली में कामकाज ठप पड़ने का हवाला देकर बीजेपी ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की थी. हालांकि, केजरीवाल के बाहर आने के बाद बीजेपी के इस मुहिम की हवा निकल सकती है.
**दिल्ली की सियासत में हलचल:** दिल्ली में विधानसभा चुनाव से ठीक 4 महीने पहले केजरीवाल का बाहर आना दिल्ली की सियासत में सबसे ज्यादा हलचल लेकर आने वाला है. इसके अलावा, केजरीवाल के बाहर आने से आम आदमी पार्टी के संगठन को भी मजबूती मिलेगी. पार्टी के कई बड़े नेताओं ने हाल ही में पार्टी छोड़ दी है.
**केजरीवाल के जेल से रिहा होने का मतलब है कि वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे और अब संगठन को मजबूत करने के लिए आगे आएंगे.**