Mon Dec 09 18:50:27 UTC 2024: **पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को हिरासत में यातना मामले में बरी**
**पोरबंदर, गुजरात:** गुजरात के पोरबंदर की एक अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को हिरासत में यातना देने के आरोप में बरी कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा।
भट्ट पर 1990 में जामनगर में हिरासत में हुई मौत के मामले में आजीवन कारावास और 1996 में पालनपुर में एक राजस्थानी वकील को फंसाने के मामले में 20 साल की जेल की सजा पहले ही सुनाई जा चुकी है। वह वर्तमान में राजकोट की केंद्रीय जेल में बंद हैं।
पोरबंदर की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि शिकायतकर्ता को अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया था या उसे धमकियों और खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल से आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया गया था। अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि उस समय एक लोक सेवक रहे भट्ट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी।
गौरतलब है कि भट्ट 2002 के गुजरात दंगों के संबंध में कथित तौर पर नकली साक्ष्य तैयार करने के मामले में भी आरोपी हैं। इस मामले में कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक आर.बी. श्रीकुमार भी आरोपी हैं। भट्ट को सरकार द्वारा अनधिकृत रूप से गैरहाजिरी के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।