Tue Nov 26 02:35:34 UTC 2024: ## उत्पन्ना एकादशी व्रत: भगवान विष्णु की कृपा पाने का अवसर
**नई दिल्ली, 26 नवंबर 2024:** आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी, उत्पन्ना एकादशी है, जो भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और उत्पन्ना एकादशी को साल भर के एकादशी व्रतों की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता एकादशी का प्रकट हुआ था, इसीलिए इसे उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत कथा का पाठ करने से जीवन में शुभ फल की प्राप्ति और पापों का नाश होता है।
व्रत कथा सत्ययुग के एक प्रचंड राक्षस मुर से जुड़ी है, जिसने इन्द्रदेव तक को परास्त कर इन्द्रलोक पर अधिकार कर लिया था। देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी। भगवान विष्णु और मुर के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें भगवान विष्णु के सभी अस्त्र-शस्त्र निष्फल हो गए। हजारों वर्षों तक चले इस संघर्ष के दौरान, भगवान विष्णु ने विश्राम किया, उसी समय उनकी दिव्य शक्ति से एक शक्तिशाली कन्या उत्पन्न हुई, जिसने मुर का वध कर दिया। यह कन्या ही माता एकादशी हैं, जिन्होंने भगवान विष्णु से वरदान माँगा कि उनके व्रत से सभी पाप नष्ट हों और भक्तों को मोक्ष मिले। भगवान विष्णु ने उन्हें यह वरदान दिया।
उत्पन्ना एकादशी व्रत का पारण 27 नवंबर, बुधवार को दोपहर 1:11 से 3:17 बजे तक किया जाएगा। इस पवित्र अवसर पर भक्तजन व्रत रखकर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।