Fri Nov 15 02:40:00 UTC 2024: ## दिल्ली का सराय काले खां चौक अब बिरसा मुंडा चौक: सरकार ने आदिवासी महापुरुष की 150वीं जयंती पर किया ऐलान

**नई दिल्ली:** बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर सरकार ने दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर **”भगवान बिरसा मुंडा चौक”** कर दिया है. यह घोषणा केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की. इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रिंग रोड स्थित बांसेरा पार्क में बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण भी किया. उन्होंने घोषणा की कि 15 नवंबर 2025 तक पूरा वर्ष “आदिवासी गौरव दिन” के रूप में मनाया जाएगा.

सराय काले खां चौक का नाम बदलने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें शेरशाह सूरी के समय से इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व, 14-15वीं सदी के सूफी संत काले खां से जुड़ा धार्मिक महत्व और एक पुराने गांव सराय काले खां का नाम शामिल है.

इस क्षेत्र में 12 मील पर एक सराय बनवाने की परंपरा शेरशाह सूरी के समय से चली आ रही है. यहां लोदी काल में एक काले खां का गुंबद भी बनवाया गया था, जिस पर 1481 की तारीख लिखी हुई है. बहलोल लोदी के दरबार में भी एक दरबारी काले खां थे.

सराय काले खां फिलहाल दिल्ली के दक्षिण पूर्व दिल्ली जिले का हिस्सा है, जहां अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) है. यह हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से एकदम सटा हुआ इलाका है.

शाह ने बिरसा मुंडा को आदिवासी संस्कृति की रक्षा और देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाला महान व्यक्ति बताया. उन्होंने कहा कि 25 साल की उम्र में बिरसा मुंडा ने एक ऐसी गाथा लिखी जिसे 150 साल बाद भी याद किया जाता है.

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