Wed Nov 13 05:50:00 UTC 2024: ## कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मां, बहन की मौत पर योगी का आरोप: वोट बैंक के लिए इतिहास दबा रहे हैं?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा, आरोप लगाते हुए कहा कि खरगे ने 1946 में हुए रजाकारों के हमले में अपनी मां और बहन की मौत पर जानबूझकर चुप्पी साध रखी है। योगी ने यह भी दावा किया कि मुस्लिम वोट खोने के डर से खरगे इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
यह घटना 1946 में हैदराबाद के वर्वट्टी (अब कर्नाटक में) में हुई थी, जब हैदराबाद के निजाम के सैनिकों (रजाकारों) ने खरगे के घर पर हमला कर आग लगा दी थी। उस समय तीन साल के मल्लिकार्जुन खरगे अपनी मां और बहन के साथ घर पर थे। उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। इस घटना में खरगे की मां और बहन की जलकर मौत हो गई थी।
खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने करीब दो साल पहले एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में इस घटना का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि रजाकारों ने पूरे इलाके में तोड़फोड़ और लूटपाट मचाई थी। उनके दादा मपन्ना खेतों में काम कर रहे थे, और एक पड़ोसी ने उन्हें बताया कि रजाकारों ने उनके घर में आग लगा दी है। मपन्ना केवल मल्लिकार्जुन खरगे को बचा सके।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खरगे ने व्यक्तिगत क्षति उठाने के बाद भी हैदराबाद के निजाम के शासन में रजाकारों के इतिहास को भुला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे इस तथ्य को दबा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने निजाम की सेना द्वारा किये गये अत्याचारों के बारे में बोला तो वह मुस्लिम वोट गंवा बैठेंगे।
योगी का यह बयान महाराष्ट्र में जारी विधानसभा चुनाव के बीच आया है। यह बयान सियासी हलचल पैदा कर रहा है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना के बाद राजनीतिक परिदृश्य में क्या बदलाव आते हैं।