Sat Nov 09 02:27:37 UTC 2024: ## सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक दर्जा दिया

**नई दिल्ली:** सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने एक ऐतिहासिक फैसले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) को अल्पसंख्यक दर्जा दिया है. इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने 1967 में दिए गए अपने ही फैसले को रद्द कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि AMU भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक दर्जे की हकदार है. कोर्ट ने यूनिवर्सिटी की स्थापना और इसके उद्देश्यों की जांच के लिए 3 जजों की नई बेंच का गठन भी किया है.

यह बेंच तय करेगी कि AMU की स्थापना किसने की थी और इसके पीछे मंशा क्या थी. यदि यह जांच अल्पसंख्यक समुदाय की ओर इशारा करती है, तो AMU अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक दर्जे का दावा कर पाएगी.

इस फैसले के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए कई अहम फायदे हैं:

* **प्रवेश और नियुक्तियों में कोटा:** अल्पसंख्यक दर्जा पाने के बाद AMU 50% सीटें अल्पसंख्यक छात्रों के लिए आरक्षित कर सकती है.
* **प्रशासनिक स्वायत्तता:** AMU शासी निकाय और अन्य स्टाफ सदस्यों को चुनने की स्वतंत्रता पाएगा.
* **प्रवेश पात्रता और फीस:** AMU अपनी प्रवेश पात्रता और फीस खुद तय कर सकती है.

हालांकि, इस फैसले के साथ ही कुछ नुकसान भी हैं:

* **कोटा:** अल्पसंख्यक दर्जा न मिलने पर संस्थान 50% कोटा केवल पहले से पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू कर सकता है.
* **UGC गाइडलाइन:** AMU को पढ़ाई से लेकर टीचर की नियुक्ति तक UGC गाइडलाइन को मानना होगा.
* **सरकारी मदद:** सरकारी मदद पाने वाले संस्थान अपनी मर्जी से अल्पसंख्यक दर्जा नहीं लागू कर सकते.

यह फैसला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 3 जजों की बेंच क्या फैसला देती है.

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