Thu Oct 31 23:52:47 UTC 2024: ## दिवाली का पावन पर्व: दो दिनों का त्योहार, दो अलग-अलग पूजा मुहूर्त

**नई दिल्ली:** इस साल दिवाली का त्योहार दो दिनों में मनाया जा रहा है, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को। ऐसा अमावस्या तिथि के दो दिन पड़ने के कारण हुआ है। जबकि कुछ लोगों ने 31 अक्टूबर को दिवाली मना ली है, कुछ 1 नवंबर को पूजा करेंगे।

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।

1 नवंबर को दिवाली पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

* **लक्ष्मी पूजा मुहूर्त:** शाम 05:36 पी एम से शाम 06:16 पी एम
* **प्रदोष काल:** शाम 05:36 पी एम से शाम 08:11 पी एम
* **वृषभ काल:** शाम 06:20 पी एम से शाम 08:15 पी एम

**पूजा विधि और सामग्री:**

दिवाली पूजा पर सफाई महत्वपूर्ण है। घर को अच्छी तरह से साफ करके गंगाजल छिड़कना चाहिए। घरों को दीपक, मोमबत्ती से सजाया जाता है, रंगोली बनाई जाती है, फूलों की माला लगाई जाती है और केले व अशोक के पत्तों से तोरण द्वार बनाए जाते हैं।

पूजा स्थल पर लाल सूती कपड़ा बिछाएं, बीच में कुछ दाने रखें। चांदी या कांसे के कलश में पानी रखें और उसमें सुपारी, गेंदा का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें। कलश पर पांच आम के पत्ते एक घेरे में रखें। कलश के दाहिनी ओर दक्षिण-पश्चिम दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति या फोटो तथा बीच में देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें।

छोटी थाली पर चावल का छोटी सी चपटी आकृति बनाएं और उस पर हल्दी से कमल का फूल डिजाइन करें, कुछ पैसे डालें तथा मूर्ति के सामने रख दें। अपनी अकाउंट बुक, धन व बिजनेस से संबंधित अन्य वस्तुए मूर्ति के सामने रखें।

तिलक लगाएं, फूल चढ़ाएं और मूर्तियों के सामने दीया जलाएं। अपनी हथेली में फूल रखें और आंखें बंद करके मंत्र का जाप करें। फूल को गणेश और लक्ष्मी को भेंट करें। लक्ष्मी की मूर्ति को जल स्नान के रूप में पंचामृत अर्पित करें। देवी को मिठाई, हल्दी, कुमकुम चढ़ाएं और माला पहनाएं। अगरबत्ती या धूप जलाएं, फिर नारियल, सुपारी और पान का पत्ता चढ़ाएं। मांलक्ष्मी की आरती करें। घंटी बजाएं।

**पूजन सामग्री:**

* रोली
* मौली
* अक्षत
* चावल
* कपूर
* घी का दीपक
* सरसों के तेल का दीपक
* गंगाजल
* नारियल
* कलश
* पूजा की चौकी
* शंख
* चांदी का सिक्का
* फल-(सिंघाड़ा, केला, सेब, नारियल, सीताफल)
* खील
* बताशा
* चंदन
* घी
* लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति
* लक्ष्मी-गणेश, कुबेर देवता और मां सरस्वती की तस्वीर
* मिठाई( नारियल,बेसन या मोतीचूर का लड्डू)

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