Thu Oct 31 17:46:03 UTC 2024: ## दीपावली पर तंत्र साधकों के लिए 26 घंटे से अधिक समय मिलेगा साधना के लिए

**वाराणसी:** इस साल दीपावली पर तंत्र साधकों के पास साधना के लिए 26 घंटे 24 मिनट का समय होगा। कालरात्रि, जो कि तीसरी महानिशा है, सिद्धि प्राप्ति के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। इस वर्ष अमावस्या 31 अक्टूबर दोपहर बाद शुरू होगी और 1 नवंबर की शाम तक रहेगी।

भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार, दीपावली सनातनी परंपरा में रात में मनाए जाने वाले प्रमुख पर्वों में से एक है। इस बार, दीपावली के दिन सूर्यास्त से मध्यरात्रि तक का समय तंत्र साधकों के लिए अत्यधिक प्रभावी होगा।

हालांकि, इस बार दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए अभिजीत मुहूर्त नहीं मिलेगा। अभिजीत मुहूर्त का समय दिन में 11:53 से 12:34 बजे तक होता है, लेकिन 31 अक्टूबर को इस समय चतुर्दशी तिथि रहेगी।

दीपावली की संध्या में सबसे पहले घर में दीपक जलाने का विधान है। इसके बाद, एक दीप लेकर घर के प्रवेश द्वार पर खड़े होकर आकाश की ओर दिखाना चाहिए। माना जाता है कि आश्विन मास में धरती पर आने वाले पितरों को दीपक द्वारा धरती से प्रस्थान का मार्ग दिखाना चाहिए। इससे पितृ प्रसन्न होकर अपने-अपने लोक लौट जाते हैं। इसके बाद ही घर से बाहर या देवालयों में दीप जलाएं।

**दीपावली का समय:**

* **प्रारम्भ:** 31 अक्टूबर दिन में 03:52 बजे
* **समाप्ति:** 01 नवंबर शाम 06:16 बजे
* **पूजन मुहूर्त:** 31 अक्टूबर शाम 05 बजे से रात 10:30 के बीच

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