Mon Oct 28 00:00:04 UTC 2024: ## रमा एकादशी का व्रत 28 अक्टूबर को: पाप मुक्ति और मोक्ष के लिए

**नई दिल्ली:** हिन्दू धर्म में रमा एकादशी का व्रत विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष यह व्रत 28 अक्टूबर, सोमवार को रखा जाएगा। इस दिन ब्रह्म और इंद्र योग में व्रत रखने से विशेष फल मिलता है। कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत दिवाली से चार या पाँच दिन पहले आता है।

इस व्रत में भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा की जाती है, जिससे सभी प्रकार के पाप मिट जाते हैं और जीवन के अंत में उनकी कृपा से भगवान के श्रीचरणों में स्थान मिलता है।

तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव ने बताया कि रमा एकादशी व्रत कथा सुनने या पढ़ने से भी पाप मुक्त हो सकते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत में धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था कि यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है और मोक्ष प्रदान करता है।

रमा एकादशी व्रत कथा के अनुसार, राजा मुचुकुंद की बेटी चंद्रभागा ने राजा चंद्रसेन के बेटे शोभन से विवाह किया था। रमा एकादशी के दिन शोभन ने भी व्रत रखा, लेकिन भूख से तड़पकर उसकी मृत्यु हो गई।

रमा एकादशी व्रत के पुण्य से शोभन को मंदराचल पर्वत पर देवपुर नामक एक सुंदर नगर प्राप्त हुआ। बाद में, चंद्रभागा अपने पति से मिली और उसे दिव्य गति प्राप्त हुई। इससे शोभन का राज्य प्रलय काल के अंत तक स्थिर हो गया।

इस व्रत से पुण्य प्राप्त होता है और जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

**रमा एकादशी व्रत 2024 के मुहूर्त और पारण समय:**

* **कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ:** 27 अक्टूबर, रविवार, सुबह 5:23 बजे
* **कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि का समापन:** 28 अक्टूबर, सोमवार, सुबह 10:31 बजे
* **पूजा मुहूर्त:** सुबह 06:30 बजे
* **ब्रह्म योग:** सुबह 6:48 बजे तक
* **इंद्र योग:** सुबह 6:48 बजे से पूर्ण रात्रि तक
* **रमा एकादशी पारण समय:** 29 अक्टूबर, मंगलवार, सुबह 6:31 बजे से 8:44 बजे तक

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