Mon Oct 21 01:40:24 UTC 2024: **विश्व आयोडीन अल्पता दिवस (21 अक्टूबर)**

– **उद्देश्य**: आयोडीन की महत्वपूर्ण भूमिका और उसकी कमी के स्वास्थ्य पर प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना।

– **आवश्यकता**: आयोडीन थायराइड हार्मोन (टी4 और टी3) का महत्वपूर्ण घटक है, जो चयापचय को नियंत्रित करता है और भ्रूण तथा शिशु के विकास के लिए आवश्यक है।

– **कमी के प्रभाव**: आयोडीन की कमी से शारीरिक और मानसिक विकास में अवरोध, बौनापन, और निदान योग्य बौद्धिक अक्षमता जैसी समस्याएँ होती हैं।

– **भारत में प्रयास**:
– 1962 में राष्ट्रीय घेंघा नियंत्रण कार्यक्रम (एनजीसीपी) की शुरुआत।
– 1992 में राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम (एनआईडीडीसीपी) का गठन।
– आयोडीन युक्त नमक का उत्पादन 65 लाख मीट्रिक टन वार्षिक हो रहा है।

– **वैश्विक प्रयास**: 1.88 अरब लोग अपर्याप्त आयोडीन सेवन के खतरे में हैं। WHO और UNICEF ने 1993 से सार्वभौमिक आयोडीनयुक्त नमक का समर्थन किया है, जिससे 120 से अधिक देशों ने आयोडीनीकरण कार्यक्रम अपनाया।

– **प्रगति**: भारत में आयोडीन की कमी से संबंधित विकारों में कमी आई है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक प्रमुख कदम है।

**निष्कर्ष**: विश्व आयोडीन अल्पता दिवस पर जागरूकता अभियान और कार्यक्रम, आइडीडी के मामलों में कमी लाने और जनस्वास्थ्य में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Read More