Wed Oct 16 07:25:45 UTC 2024: ## शरद पूर्णिमा 2024: धन और समृद्धि के लिए व्रत और कथा

**नई दिल्ली:** हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है, जो इस साल 16 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है, जिससे धन और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस दिन स्नान दान के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ भी करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, एक ब्राह्मण की दो पुत्रियाँ थीं। बड़ी पुत्री हर पूर्णिमा का व्रत करती थी, जबकि छोटी पुत्री चंचल होने के कारण व्रत पूरा नहीं कर पाती थी।

छोटी पुत्री के विवाह के बाद उसके पति के कामकाज में गिरावट आई और उसे संतान नहीं हुई। ज्योतिष ने बताया कि पूर्णिमा व्रत अधूरा छोड़ने की वजह से यह सब हो रहा है।

छोटी पुत्री ने व्रत पूरा किया, लेकिन फिर भी संतान मर जाती थी। एक बार, बड़ी बहन छोटी बहन से मिलने आई तो छोटी बहन ने अपनी मरी संतान को एक पाटा में रखकर बड़ी बहन को उसके ऊपर बैठने के लिए कहा। बड़ी बहन के बैठते ही उसका वस्त्र बच्चे को छु गया और बच्चा रोने लगा। बड़ी बहन को पता चला कि छोटी बहन ने अपनी संतान को दोबारा जीवित कर दिया है।

इसके बाद छोटी बहन ने हर साल पूर्णिमा व्रत को विधिवत तरीके से पूरा करना शुरू कर दिया।

**शरद पूर्णिमा 2024 का समय:**

* पूर्णिमा तिथि: 16 अक्टूबर, शाम 7:59 बजे से 17 अक्टूबर, शाम 5:34 बजे तक
* स्नान-दान का समय: सुबह 04 बजकर 42 मिनट से सुबह 05 बजकर 32 मिनट तक

**ध्यान दें:** यह जानकारी विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं से ली गई है। किसी भी व्रत या धार्मिक क्रिया को शुरू करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

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