Fri Oct 04 20:26:52 UTC 2024: ## माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से प्राप्त होगी बुद्धि और शांति: नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा विधि

**नई दिल्ली:** शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए समर्पित है। ब्रह्मचारिणी, नवदुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं, जो ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी हैं।

मान्यता है कि ब्रह्मचारिणी माता की पूजा करने से व्यक्ति की बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। मन शांत होता है और चित एकाग्र रहता है। माना जाता है कि ब्रह्मचारिणी माता की पूजा करने से साधक अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण कर पाता है।

**मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि:**

* सुबह सूर्योदय से पूर्व उठें। स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें।
* नवदुर्गा का ध्यान करें और देवी भगवती को पंचामृत से स्नान कराएं।
* मां को फल, सफेद फूल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
* मां को चीनी का भोग लगाएं।
* घी में कपूर मिलाकर माता रानी की आरती उतारें।
* उनके सरल श्लोक व स्तोत्र का पाठ करें।
* इसके बाद घर के सदस्यों की बीच प्रसाद वितरित करें।

**पूजा सामग्री:**

* नवदुर्गा की प्रतिमा
* लाल या पीला कपड़ा
* अगर बत्ती
* दीपक
* घी या तेल
* सफेद या पीले फूल
* मिठाई
* अक्षत
* रोली
* चंदन
* जल से भरा कलश
* नारियल
* पूजा की थाली

**मां ब्रह्मचारिणी स्तोत्र:**

ब्रह्मचारिणी माता की पूजा के दौरान स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि ब्रह्मचारिणी देवी के स्तोत्र का पाठ करने से हर तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती हैं और मन को शांति मिलती है। ज्ञान की प्राप्ति होती है। सभी कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलते हैं।

**ब्रह्मचारिणी स्तोत्र:**

तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणीप्रणमाम्यहम्॥

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