Wed Oct 02 08:36:43 UTC 2024: ## पितृ पक्ष समाप्त, सर्वपितृ अमावस्या और महालया का पर्व मनाया गया

नई दिल्ली: 2 अक्टूबर को पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के साथ हुआ। इस दिन महालया का पर्व भी मनाया गया। पितृ पक्ष के दौरान पितरों को प्रसन्न करने के लिए स्नान-ध्यान, तर्पण और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, जिससे जातक और उसके परिवार को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

महालया का पर्व भी इसी दिन मनाया जाता है, जिस दिन माँ दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती पर आगमन के लिए विदा लेती हैं। यह पर्व शारदीय नवरात्रि की शुरुआत का संकेत देता है।

इस दिन पितरों का विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। तर्पण करने से जातक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही, अन्न, धन और वस्त्र का दान करने से माँ दुर्गा और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

यह भी माना जाता है कि पितरों की पूजा करने और गरीब लोगों को भोजन खिलाने से पूर्वज प्रसन्न होकर हमेशा आशीर्वाद देते रहते हैं।

**नोट:** यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए है। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया लेख में दी गई जानकारी का समर्थन नहीं करता है।

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