Thu Sep 26 12:55:34 UTC 2024: ## माताओं का त्याग: जितिया व्रत में छिपा है एक दर्दनाक सच

**नई दिल्ली:** देशभर में 25 सितंबर को मनाए जा रहे जितिया व्रत के दौरान माताओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा। इस कठिन व्रत के पीछे माताओं की अनकही कहानियां छिपी हैं, जो आज एक बार फिर सामने आई हैं।

जितिया व्रत के दौरान कई ऐसे वृद्धाश्रमों में रहने वाली माताओं ने अपने उन बच्चों के लिए व्रत रखा जिन्होंने उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ दिया था। व्रत के अवसर पर यह सवाल उठता है कि क्या हम मां के त्याग और प्रेम को समझ पाते हैं? क्या हम उन माताओं को वह सम्मान देते हैं जो वे लायक हैं?

शास्त्रों में मां को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। लेकिन आज की दुनिया में मां वृद्धावस्था में बोझ बन जाती है. जिस आंचल में एक समय बच्चे सुरक्षित महसूस करते थे, वही आंचल आज बच्चों के लिए मैली लगने लगती है।

जितिया व्रत और मदर्स डे जैसे मौकों पर हमें अपनी नजरों से उन माताओं की अनकही कहानियों को नहीं भूलना चाहिए, जो समाज के एक कोने में अपने बच्चों के प्यार की तलाश में हैं।

यह लेख माताओं के प्रति सम्मान और उनके त्याग को समझने के लिए एक प्रयास है। आइए, हम सभी माताओं का सम्मान करें और उनके प्रति अपना फर्ज निभाएं.

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