Thu Sep 26 10:54:26 UTC 2024: ## “सुसाइड पॉड” विवादों में घिरा: अमेरिकी महिला की मौत के बाद सवाल उठे
**ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड:** एक विवादास्पद “सुसाइड पॉड” के इस्तेमाल से 64 वर्षीय अमेरिकी महिला की मौत के बाद इच्छामृत्यु और इस डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने स्विट्जरलैंड और जर्मनी की सीमा पर स्थित जंगल में स्थित इस पॉड का इस्तेमाल किया था। वह अंतिम समय में पेड़ों और आसमान को देखना चाहती थी। इच्छामृत्यु अभियान “एग्जिट इंटरनेशनल” के प्रमुख डॉ. नित्श्के ने डच मीडिया को बताया कि महिला दो मिनट के भीतर बेहोश हो गई और पांच मिनट बाद उसकी मौत हो गई।
यह पॉड ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर फिलिप निश्के द्वारा बनाया गया था, जिन्हें “डॉक्टर डेथ” का उपनाम मिला है। उन्होंने यह मशीन गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बनाई थी जो अपने जीवन का अंत करना चाहते थे। हालांकि, अपनी सोच के लिए डॉक्टर निश्के ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के निशाने पर आ गए और 2014 में उनका मेडिकल लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
इस पॉड में एक वॉयस मैसेज सुनाई देता है, “अगर आप मरना चाहते हैं तो इस बटन को दबाएं।” इसके अलावा आई मूवमेंट और वॉयस कंट्रोल का भी विकल्प उपलब्ध है। एक बार प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद इसे रोकने का कोई विकल्प नहीं है।
पॉड के अंदर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा 21% से घटकर 0.05% तक पहुंच जाती है। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है और दस मिनट के अंदर उसकी मौत हो जाती है।
सुसाइड पॉड और इसके इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हो रही है। आलोचकों का कहना है कि यह आत्महत्या को ग्लैमराइज करता है और बिना डॉक्टरी निगरानी के चलाया जा रहा है। हालांकि, डिवाइस के समर्थकों का कहना है कि यह इच्छामृत्यु तक पहुंच का विस्तार करता है।
स्विस अधिकारियों ने इस डिवाइस के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैप्सूल में नाइट्रोजन का इस्तेमाल कानून सम्मत नहीं है। स्विट्जरलैंड में इस पॉड को चलाने वालों पर पांच साल की जेल की सजा का प्रावधान है।