Wed Sep 25 05:55:02 UTC 2024: ## जितिया व्रत 2024: संतान सुख के लिए महिलाएं रखती हैं यह व्रत

**नई दिल्ली:** प्रत्येक वर्ष आश्विन माह की अष्टमी तिथि पर मनाया जाने वाला जितिया पर्व इस वर्ष 25 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस व्रत को “जीवित्पुत्रिका व्रत” के नाम से भी जाना जाता है।

इस दिन महिलाएं संतान के सुख और लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं तथा भगवान जीमूतवाहन की उपासना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से किए गए इस व्रत से जीवन में सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है।

पंचांग के अनुसार, आश्विन अष्टमी तिथि 24 सितंबर दोपहर 12:38 बजे शुरू हुई और 25 सितंबर दोपहर 12:10 बजे समाप्त हो रही है। उदया तिथि के महत्व के कारण, जितिया व्रत आज 25 सितंबर को किया जा रहा है।

व्रत का पारण 26 सितंबर को सूर्योदय के बाद किया जाएगा।

**जितिया व्रत पूजा विधि:**

* व्रत की शुरुआत नहाय खाय से होती है जो इस वर्ष 24 सितंबर को हुई।
* अष्टमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
* भगवान जीमूतवाहन की मूर्ति या चित्र के सामने दीप जलाएं और पूजा करें।
* व्रत के दौरान फलाहार यानी फल और सब्जियों का सेवन करें।
* शाम को भगवान को भोग लगाएं।
* पारण के समय, पहले भगवान को भोग लगाएं और फिर खुद पारण करें।

**जितिया व्रत के बारे में:**

* जितिया व्रत मिथिला, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है।
* यह व्रत मुख्य रूप से महिलाएं करती हैं।
* इस व्रत से संतान को लंबी आयु, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

**डिसक्लेमर:** लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की गई है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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