Mon Sep 16 12:00:30 UTC 2024: ## निपाह वायरस केरल में फिर से फैला, 24 वर्षीय युवक की मौत

केरल में रविवार को निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इस घटना की पुष्टि की। युवक की मौत मलप्पुरम के एक निजी अस्पताल में हुई।

केरल में निपाह वायरस का प्रकोप 2018, 2021 और 2023 में कोझिकोड जिले में और 2019 में एर्नाकुलम जिले में देखने को मिला था। एक शोध के अनुसार, कोझिकोड, वायनाड, इडुक्की, मलप्पुरम और एर्नाकुलम जिलों में चमगादड़ों में निपाह वायरस एंटीबॉडी की उपस्थिति पाई गई है।

**निपाह वायरस जानवरों से फैलता है:** विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक जूनोटिक वायरस है। यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। कई बार यह खाने-पीने के जरिए और इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।

**निपाह वायरस का सोर्स चमगादड़ है:** चमगादड़ों के जरिए यह वायरस इंसानों तक फैलता है। हालांकि, यह सुअर, कुत्ते, बिल्ली, घोड़े और संभवतः भेड़ से भी फैल सकता है।

**निपाह वायरस खतरनाक है:** निपाह वायरस को कम संक्रामक लेकिन ज्यादा घातक माना जाता है। इसकी मृत्यु दर 45 से 70 फीसदी तक हो सकती है।

**निपाह वायरस के लक्षण:** संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, एटिपिकल निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई पड़ेंगे। गंभीर स्थिति में इंसान इन्सेफेलाइटिस का शिकार हो सकता है और 24 से 48 घंटे में कोमा में जा सकता है।

**निपाह वायरस का इलाज:** निपाह वायरस का इलाज अभी तक ज्ञात नहीं है। इसके बचाव के लिए चमगादड़ और सूअर के संपर्क में आने से बचें, जमीन या पेड़ से गिरे फल ना खाएं, मास्क लगाकर रखें और समय-समय पर हाथ धोते रहें। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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